यह कहानी एक प्रेम की भावनाओं को व्यक्त करती है, जिसमें एक व्यक्ति अपनी प्रिय के बारे में सोचता है। वह कल्पना करता है कि अगर उसकी प्रिय उसके पास होती, तो वे एक-दूसरे से बातें करते, एक-दूसरे की बातें सुनते और एक साथ समय बिताते। वह उसकी सुंदरता, उसकी आँखों की चमक, और उसके बालों से खेलते हुए खो जाने की इच्छा व्यक्त करता है। वह यह भी कहता है कि अगर वह उसके पास होती, तो वह दुनिया को भूलकर उसकी बाहों में खो जाता। वह उसकी हर शिकायत को ध्यान से सुनता, क्योंकि उसके होंठों से निकले शब्द उसे मधुर गान की तरह लगते हैं। यह कविता प्रेम, चाहत और अंतरंगता की सुंदरता को दर्शाती है। दिल से दिल तक-2 कवि अंकित द्विवेदी द्वारा हिंदी कविता 73.9k 3.3k Downloads 16.9k Views Writen by कवि अंकित द्विवेदी Category कविता पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण जीवन में श्रृंगार का बहुत महत्व होता है । जिसके दो महत्वपूर्ण अंग संयोग और वियोग होते है । इस अंक में अपने जीवन के भावो को अपनी रचनाओं के माध्य्म से व्यक्त कर रहा हूँ और आशा करता हूँ कि आपको पसंद आये। More Likes This श्रीरामचरितमानस - भाग 1 द्वारा Shivam Kumar Pandey सादगी के स्वर : लेखिका गीता कुमारी - 1 द्वारा Geeta Kumari जिंदगी संघर्ष से सुकून तक कविताएं - 1 द्वारा Kuldeep Singh पर्यावरण पर गीत – हरा-भरा रखो ये जग सारा द्वारा Poonam Kumari My Shayari Book - 2 द्वारा Roshan baiplawat मेरे शब्द ( संग्रह ) द्वारा Apurv Adarsh स्याही के शब्द - 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी