**मन के मोती 4** *लेखक: आशीष कुमार त्रिवेदी* **1. खोया पाया** सरिता अपने स्टोर रूम की सफाई करवा रही थी और बेकार सामान को अलग कर रही थी। तभी एक गत्ते का बक्सा निकला, जिसमें से उसे घुंघरू का एक जोड़ा मिला। यह उसे अपने पुराने दिनों की याद दिला गया, जब वह एक क्लासिकल डांसर थी, लेकिन शादी और मातृत्व के कारण उसने अपने लिए समय नहीं निकाला। **2. मार्गदर्शन** राहुल, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए शहर आया था, परेशान था। वह एक रेस्त्रां में वेटर का काम कर रहा था और उसकी जमा पूंजी खत्म हो चुकी थी। एक दिन, उसने एक वॉलेट पाया जिसमें पैसे थे। लालच में पड़ने से पहले उसे अपनी माँ की सीख याद आई कि मुश्किल में भटकने से मंजिल नहीं मिलती। उसने वॉलेट उसके असली मालिक को लौटाने का फैसला किया। **3. छत** निखिल अपने पिता के अंतिम संस्कार के बाद घर लौटा था। उसे अपने पिता के साथ बिताए समय की कमी महसूस हो रही थी। उसने अपने स्वतंत्र जीवन की व्यस्तता के कारण पिता के साथ कम समय बिताया था, और अब उसे उनके जाने का बहुत खालीपन महसूस हो रहा था। **4. प्रगति** मिस्टर शर्मा के घर पर भारत की प्रगति पर चर्चा चल रही थी। इसी बीच, एक छोटे लड़के ने आकर कूड़ा निकालना शुरू किया। मिसेज शर्मा ने उसे आस-पास का कूड़ा भी बटोरने के लिए कहा। यह दिखाता है कि भले ही हम प्रगति कर रहे हों, पर हमारे आसपास के छोटे काम भी महत्वपूर्ण हैं। यह संकलन विभिन्न पात्रों के माध्यम से संघर्ष, नैतिकता, और व्यक्तिगत विकास की कहानियाँ प्रस्तुत करता है। मन के मोती 4 Ashish Kumar Trivedi द्वारा हिंदी लघुकथा 3.7k 4k Downloads 10.5k Views Writen by Ashish Kumar Trivedi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण यह मेरी कहानियों का संग्रह है यह सभी कहानियां जीवन के विभिन्न मनोभावों को दिखाती हैं. जीवन के उतार चढ़ाव में डटे रहने वा उम्मीद न छोड़ने की प्रेरणा देती हैं। Novels मन के मोती यह मेरी कहानियों का संग्रह है यह सभी कहानियां जीवन के विभिन्न मनोभावों को दिखाती हैं. जीवन के उतार चढ़ाव में डटे रहने वा उम्मीद न छोड़ने की प्रेरणा देती... More Likes This अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar चुन्नू और मुन्नू - एक खट्टी-मीठी दोस्ती ( भाग -1) द्वारा Vishakha Pareek जग्गू - द डिटैक्टिव - 1 द्वारा Rakesh Kumar Sharma आज्ञा द्वारा Rajeev kumar पता बताते दिन द्वारा महेश रौतेला तुम हो तो सब कुछ है - भाग 1 द्वारा Ankit Khatri मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी