कहानी "वेल विशर" में सोनिया और अमित के बीच एक संवाद है, जिसमें सोनिया अमित से उसकी अनुपस्थिति के बारे में पूछती है। अमित उसे बताता है कि वह व्यस्त था और सोनिया अपनी बोरियत और अमित की याद का जिक्र करती है। अमित सोनिया को सलाह देता है कि वह अंशुम के साथ मूवी या शॉपिंग करे, लेकिन सोनिया बताती है कि अंशुम को मूवी देखना पसंद नहीं है और वे अपनी-अपनी शॉपिंग करते हैं। अमित सोनिया को मूवी दिखाने का प्रस्ताव देता है, जिससे उसकी भावनाओं को भुनाने की कोशिश होती है। कहानी में यह दिखाया गया है कि कैसे पुरुष अपनी सहानुभूति का दिखावा करते हैं और महिलाएं उनकी बातों में उलझ जाती हैं। एक दिन, सोनिया को कुछ सामान खरीदने के लिए अमित के साथ पुरानी मार्किट जाने का बहाना मिलता है। वहां, पेप्सी पीते हुए अमित सोनिया से उसकी सुंदरता का जिक्र करता है और अंशुम की तुलना में उसे केवल एक शोपीस के रूप में देखता है। यह सुनकर सोनिया को गहरा आघात लगता है और वह अमित से सवाल करती है कि वह खुद क्या है। कहानी में भावनाओं का खेल, असुरक्षा और संबंधों की जटिलता को अच्छी तरह से दर्शाया गया है। वैल विशर - 3 Rashmi Tarika द्वारा हिंदी लघुकथा 18.1k 2.8k Downloads 8.2k Views Writen by Rashmi Tarika Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ' वॉट इज़ दिस अमित ..फ्रॉम वन वीक वेयर आर यू ..नो मैसेज नो फ़ोन ? नाराज़ हो मुझसे ? बोलो न ...? एक इल्तेज़ा सी थी आवाज़ में सोनिया की । 'नो हनी ..नथिंग लाइक दैट...बस बिजी था । तुम सुनाओ ..एवरीथिंग ओके न ...?' ' नो ..ऍम नोट ओके ...मिसिंग यू टू मच...आज बोर भी हो रही हूँ ...! ' क्यों अंशुम के साथ मूवी देख आओ ...शौपिंग जाओ ..बोरियत ख़त्म ! ' अमित ने तरीके बताने शुरू कर दिए । मानो अपनी पत्नी को तो मूवी दिखाकर या शौपिंग करवाकर दुनिया की सैर करवाकर खुश रखा हुआ है । Novels वैल विशर रात अपने आगोश में बारिश की बूंदो की ठंडक सी समेटे हुए थी । कभी कभी बादलों की परतों को खोलता हुआ चाँद ऐसे निकलता मानो अपनी चांदनी की छटा बिखेरने की अद... More Likes This प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar डायरी का वो आखरी पन्ना - 4 द्वारा Std Maurya कहानी में छुपी एक सन्देश - 1 द्वारा Std Maurya मेरे समाज में ऐसा क्यों होता हैं - भाग 1 द्वारा Std Maurya ऐसे ही क्यों होता हैं? - 1 द्वारा Std Maurya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी