एक गृहिणी होना अपने आप में एक सम्पूर्ण प्रोफेशन है । लेकिन जबसे मैंने कलम हाथ में थामी है ,लफ़्ज़ों से दोस्ती की है तब से कहानियाँ ,कविताएँ, लघुकथाएँ लिखना मेरा पैशन बन गया है।मन के भाव लेखन में समा जाते हैं।अपनी कहानियों कविताओं को पत्र पत्रिकाओं में भेजते हुए ,मैं मैथिलीप्रवाहिका, आगमन ,खबरयार , लेखनी ,राजस्थान पत्रिका ,सन्मार्ग,प्रवासी दुनिया, कैच माय पोस्ट आदि कई पत्रिकाओं से जुडी।रश्मि प्रभा जी द्वारा संकलित नारी विमर्श के अर्थ लेख संग्रह का हिस्सा , आगमन द्वारा संकलित सिर्फ तुम कहानी संग्रह का हिस्सा बनी ।प्रतिलिपि .कॉम में काफी महीनों तक टॉप टेन राइटर्स में बनी रही और प्रतिलिपि द्वारा ही प्रायोजित कहानी प्रतियोगिता में टॉप 20 विजेताओं में मेरी कहानी को आठवां स्थान मिला ।नया लेखन नया दस्तखत लघुकथा द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में मेरी 2 लघुकथाएँ विजेता रहीं और गागर में सागर द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में विजेता रही। लफ्ज़ अपना रास्ता खोज लेते हैं ,कलम अपने प्रवाह में चलती है बस मन के भाव दिल ओ दिमाग में उमड़ते रहते हैं।अभी मातृभारती द्वारा आयोजित पत्र लेखन में अपना नाम विजेता सूचि में देखकर लगता है कि

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