यह कहानी माधुरी की है, जो शादी के छह महीने बाद अपने मायके लौटती है। उसके परिवार ने उसका स्वागत करने के लिए तैयारियाँ की हैं। माधुरी की माँ और भाभी उसकी पसंद की चीजें इकट्ठा कर रहे हैं, जबकि माधुरी घर में प्रवेश करती है और उसे मेहमानों जैसा व्यवहार महसूस होता है। उसकी छोटी बहन प्रीती, जो पहले उससे बहस करती थी, आज बहुत ध्यान दे रही है। माधुरी को यह अजीब लगता है कि उसके अपने घर में सब उसके साथ कितनी खातिरदारी कर रहे हैं। जब वह अपने पति प्रशांत के साथ अपना कमरा दिखाने ले जाती है, तो वह देखती है कि प्रशांत उसके कमरे की सजावट पर हंसता है। माधुरी अपने कमरे को सादगी में पसंद करती है, जबकि प्रशांत के कमरे की दीवारें नीली हैं और उसमें कई कार्टून चित्र हैं। प्रशांत का 'अपना घर' कहना माधुरी के लिए चुभन भरा होता है, क्योंकि उसने अपना घर छोड़कर प्रशांत के घर में कदम रखा है। कहानी माधुरी के भावनात्मक संघर्ष को दर्शाती है, जहां वह अपने नए जीवन और पुराने घर के बीच की स्थिति को महसूस कर रही है। अपना घर Madhu Chhabra द्वारा हिंदी लघुकथा 10.5k 2.9k Downloads 10.1k Views Writen by Madhu Chhabra Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अपना घर More Likes This पता बताते दिन द्वारा महेश रौतेला तुम हो तो सब कुछ है - भाग 1 द्वारा Ankit Khatri मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 1 द्वारा Aloka Patel Anime - 2 द्वारा shifa आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी