मेरा नाम मधु छाबड़ा है । मैं एक गृहिणी हूँ । मेरा जन्म दिल्ली के नारायणा क्षेत्र में हुआ था। माता पिता के सम्पूर्ण सहयोग से मुझे उच्च शिक्षा प्राप्त हुई। हर काम में उनका मनोबल साथ रहा। लेखन कार्य में रूचि बचपन से ही थी। स्कूल में अपने साथियों के साथ मिलकर कवितायेँ लिखने का शौक था। पहली कविता "दोस्ती" लिखी। उसके बाद रूचि बढ़ती गई। मेरे एक मित्र ने मुझे 'महक' नाम दिया और साथ ही लिखने में मेरा मनोबल भी बढ़ाया। मेरा लेखन कार्य केवल कुछ पन्नों तक ही सीमित था। न कोई ज्ञान था और न ही कोई रूचि थी आगे बढ़ने में। आभासी दुनिया में आने पर मुझे वो मंच मिला जहाँ मैं अपनी रचनाये सबके सामने ला सकती थी पर मेरी रचनायें नियमानुसार नहीं थी। पर कहते है ना जिनके सपने सच्चे हो.. उन्हें कोई ना कोई राह दिखाने वाला मिल ही जाता है इसी राह में मुझे फेसबुक ने 'श्री ऋषि अग्रवाल जी' से मिलवाया। इस आभासी दुनिया ने मुझे मार्गदर्शक व गुरु के रूप में एक ऐसा मित्र दिया जिन्होंने न सिर्फ मेरे लेखन में सुधार किया वरन् आगे बढ़ने का रास्ता भी दिखाया। उनके कारण आज मैं इस मुकाम तक पहुँच पाई हूँ जहाँ तक पहुंचना मेरे लि

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