दहेज़ प्रथा एक सामाजिक समस्या है जो बेटी के जन्म से ही माता-पिता के मन में घर कर जाती है। जब बेटी का जन्म होता है, तो खुशी के बजाय दहेज़ का संकट उन पर हावी हो जाता है। माता-पिता अपनी संतान के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए दहेज़ इकट्ठा करने में जुट जाते हैं, जबकि बेटी इस प्रक्रिया को देखकर अपने अस्तित्व पर अफसोस करने लगती है। जब बेटी की सगाई होती है, तब लोग केवल यह देखने में व्यस्त रहते हैं कि दहेज़ में कितना पैसा और सामान दिया गया है। इस दौरान कोई भी लड़की की भावनाओं या उसके माता-पिता की चिंताओं को नहीं समझता। दहेज़ की इस प्रथा के कारण लड़कियों को समाज में झुककर रहना पड़ता है और कमी के कारण उन्हें ससुराल में अत्याचार का शिकार होना पड़ता है। दहेज़ की समस्या लड़के वालों पर भी भारी पड़ती है, क्योंकि वे लड़कियों के दोषों को छिपाने के लिए दहेज़ देने की कोशिश करते हैं। इससे दोनों पक्षों में तनाव और दुर्व्यवहार की स्थिति उत्पन्न होती है। इस तरह, दहेज़ प्रथा समाज में अनेक समस्याओं का कारण बनती है, जिससे महिलाओं को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। दहेज़ प्रथा Madhu Chhabra द्वारा हिंदी पत्रिका 33.1k 30k Downloads 87.7k Views Writen by Madhu Chhabra Category पत्रिका पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण दहेज़ प्रथा अभिशाप है More Likes This आवारा आतंक - 1 द्वारा Virendra Dewangan साइबर क्राइम - 1 द्वारा Virendra Dewangan रेशमाई शहजादों - अग्नि परी - 1 द्वारा kanta Rajkumar - 2 द्वारा Ram Make Hero - 8 द्वारा Ram Make Star Sentinals - 1 द्वारा Ravi Bhanushali Vulture - 1 द्वारा Ravi Bhanushali अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी