में और मेरे अहसास - 50 Darshita Babubhai Shah द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

में और मेरे अहसास - 50

Darshita Babubhai Shah मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी कविता

इश्क की पाती आई है lआंख मे पानी लाई है ll सालों से अनकही हुईं lबात दिल की समाई है ll मिरी दिल बहलाने के लिए lख़ुद की तस्वीर बनाई है ll पढ़ते ही उसे तू मुस्कुराए lअलंकारों से ...और पढ़े


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