वह अब भी वहीं है - 27 Pradeep Shrivastava द्वारा उपन्यास प्रकरण में हिंदी पीडीएफ

वह अब भी वहीं है - 27

Pradeep Shrivastava मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी उपन्यास प्रकरण

भाग -27 समीना अंदर वह मकान नहीं, राजसी ठाठ-बाट वाला एक महल सा था। अपने से पहले गए लोगों में से कईयों को मैंने रिहर्सल करते देखा। मुझे गुस्सा आई कि, सालों ने मुझे बताया नहीं, नहीं तो मैं ...और पढ़े


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