Vah ab bhi vahi hai - 8 book and story is written by Pradeep Shrivashtava in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Vah ab bhi vahi hai - 8 is also popular in Fiction Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. वह अब भी वहीं है - 8 Pradeep Shrivastava द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 1.6k 2.9k Downloads 7k Views Writen by Pradeep Shrivastava Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण भाग - 8 मगर मेरा यह सारा सोचा-विचारा धरा का धरा रह जाता, जब साहब को देखता। इस बीच मैं हर तरह से यह भी जानने में लगा रहा कि आखिर ये करते क्या हैं ? इसी सब में तीन महीने और बीत गए। दूसरे मैं लाख कोशिश करके भी कुछ नहीं बोल सका। तीसरे महिने बाद मैंने पूरा जोर लगाया और एक दिन काम खत्म होने के बाद जब देखा कि, साहब फ़ोन पर किसी से हंस-हंसकर बात कर रहे हैं, तो मुझे लगा कि उनका मूड सही है, आज बात कर ही लूँ । यह सोच कर मैं Novels वह अब भी वहीं है समीना तुमसे बिछुड़े हुए तीन बरस से ज़्यादा होने जा रहा है। मगर ऐसा लग रहा है मानो अभी तुम इस रमानी हाउस के किसी कमरे से जोर-जोर से मुझे पुकारती हुई साम... More Likes This I’m Not Fake, I’m Real - CHAPTER 1 द्वारा TEGICMATION किडनी का तोह्फ़ा - 1 द्वारा S Sinha वो आखिरी मुलाकात - 1 द्वारा veerraghawan Beyond the Pages - 1 द्वारा cat रूहों का सौदा - 1 द्वारा mamta लाल पत्थर का राज - भाग 1 द्वारा Anil singh जागती परछाई - 3 द्वारा Shivani Paswan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी