विश्वासघात-(सीजन-२)--भाग(१८) Saroj Verma द्वारा उपन्यास प्रकरण में हिंदी पीडीएफ

विश्वासघात-(सीजन-२)--भाग(१८)

Saroj Verma मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी उपन्यास प्रकरण

दूसरे दिन सुबह नाश्ते की टेबल पर शर्मिला बुझी बुझी सी नहीं लग रही थी,उसे रात में करन ने बड़े प्यार से समझाया था,करन का साथ पाकर शर्मिला को जीने की राह मिल गई थी,वो भी उसे चाहने लगी ...और पढ़े


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