में और मेरे अहसास - 40 Darshita Babubhai Shah द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

में और मेरे अहसास - 40

Darshita Babubhai Shah मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी कविता

सीने में दफन यादो का मेला है lकई सदियों से दिल ने जेला है ll दिन तो गूजर जाता है जेसे तैसे lशाम ढले अब लगता ठेला है ll आज फिर बाढ़ आई निगाहों में lसो गालों पे अश्कों ...और पढ़े


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