मेरी पगली...मेरी हमसफ़र - 5 Apoorva Singh द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

मेरी पगली...मेरी हमसफ़र - 5

Apoorva Singh मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ

अर्पिता वहां श्रुति के साथ खड़ी थी।उसके चेहरे पर गुस्सा था तो वही जुबां से निकलते तीखे शब्द!उसे इतने गुस्से में देख मैं खुद ही चौंक गया।मैंने सोचा नही था हमेशा स्वीट सी दिखने वाली वो लड़की किसी को ...और पढ़े

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