मैं भारत बोल रहा हूं-काव्य संकलन - 16 बेदराम प्रजापति "मनमस्त" द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

मैं भारत बोल रहा हूं-काव्य संकलन - 16

बेदराम प्रजापति "मनमस्त" मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी कविता

-जिंदगी की राह- आज दिल की कह रहा हूँ, सुन सको तो, बात साही। जिंदगी की राह में, भटका हुआ है, आज राही।। बंध रहा भ्रमपाश में तूँ, कीर-सा उल्‍टा टंगा है। और खग हाडि़ल ...और पढ़े


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