प्रतिशोध--भाग(६) Saroj Verma द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

प्रतिशोध--भाग(६)

Saroj Verma मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ

सत्यकाम गंगातट से माया से बिना बात किए चला तो आया परन्तु उसका मन अत्यधिक विचलित था,भावों की भँवर उसे प्रेमरूपी सरिता में डुबोएं दे रही थीं, माया के होठों के स्पर्श ने उसके तन और मन में कामरूपी ...और पढ़े

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