में और मेरे अहसास - 28 Darshita Babubhai Shah द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

में और मेरे अहसास - 28

Darshita Babubhai Shah मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी कविता

वफ़ा पे मेरी गर एतमाद हो तो इंतजार करना l कभी मेरी वफ़ाओ का शायरी मे ज़िक्र करना ll ************************************* हस्ते हुए चहरे को देख धोखा खा गए l अंदर तो धगधगता लावा उबल रहा था ll ...और पढ़े

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