मे और मेरे अहसास - 26 Darshita Babubhai Shah द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

मे और मेरे अहसास - 26

Darshita Babubhai Shah मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी कविता

दिल की सजावत हो तुम lआँखों की चमक हो तुम ll हाल दिल का कौन समझेगा lबातों की जान हो तुम ll ******************************************* एक रोज़ रंग लाएगी फ़ाक़ा मस्ती अपनी lएक रोज़ गिनती होगी दिवानों मे अपनी ll ...और पढ़े


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