असत्यम्। अशिवम्।। असुन्दरम्।।। - 16 Yashvant Kothari द्वारा हास्य कथाएं में हिंदी पीडीएफ

असत्यम्। अशिवम्।। असुन्दरम्।।। - 16

Yashvant Kothari मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी हास्य कथाएं

16 ‘जिन्दगी जीने के लिए है और विश्वविद्यालय मंे तो मजे ही मजे। मौजां ही मौजां। याद है अपन जब विश्वविद्यालय मंे पढ़ते थे तो एक प्रोफेसर ने क्या लिखा था सरस्वती के मन्दिर मंे ध्वज भंग। कैसा मजा ...और पढ़े

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