मुक्म्मल मोहब्बत - 18 Abha Yadav द्वारा उपन्यास प्रकरण में हिंदी पीडीएफ

मुक्म्मल मोहब्बत - 18

Abha Yadav मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी उपन्यास प्रकरण

मुकम्मल मोहब्बत -18"यू,ओके !" वोट झील मेंं उतारते हुए मैंने पूछा."यस."धीरे से बोली मधुलिका.उदास थी वह.रोज वाली चंचलता उसके चेहरे से गायब थी.मैंने उसका चेहरा गौर से देखते हुए पूँछा-"कल कहां रहीं?""तुम कल आये थे?"उसने धीरे से पलकें ऊपर ...और पढ़े


अन्य रसप्रद विकल्प