Pahla kadam book and story is written by Pavitra Agarwal in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Pahla kadam is also popular in Moral Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. पहला कदम Pavitra Agarwal द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 2.5k 6.9k Downloads 13.1k Views Writen by Pavitra Agarwal Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण पहला कदम पवित्रा अग्रवाल आज बुआ फिर आई थीं. बुझा बुझा सा मन, शिथिल सा तन, भावहीन चेहरा देख कर मैं दुखी हो जाती हूँ. जब फूफाजी जीवित थे, एक स्निग्ध सी मुस्कराहट बुआ के व्यक्तित्व का हिस्सा थी. हर समय मैं ने उन्हें खुश देखा था. बीमारी में भी उन्हें कभी मुह लटकाये या हाय हाय करते नहीं देखा था. एक मेरी माँ हैं हर समय खीजती, झुंझलाती रहती हैं जैसे उनसा दुखी इन्सान कोई दूसरा नहीं. ज़माने भर के सारे गम भगवान ने जैसे उनकी झोली में ही डाल दिए हों. पर बुआ अपने जीवन में बड़ी संतुष्ट More Likes This When Miracles Happen - 1 द्वारा fiza saifi पर्दे के पीछे - 1 द्वारा ARTI MEENA फुटपाथ की ओर जीवन द्वारा Chandrika Menon इस घर में प्यार मना है - 5 द्वारा Sonam Brijwasi रामेसर की दादी - 1 द्वारा navratan birda देवर्षि नारद की महान गाथाएं - 1 द्वारा Anshu पवित्र बहु - 1 द्वारा archana अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी