सिर्फ तुम.. - 4 Sarita Sharma द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

सिर्फ तुम.. - 4

Sarita Sharma द्वारा हिंदी कविता

सिर्फ तुम-4खत्म हो जाते हैं कुछ रिस्ते यूँही,बेइंतहा मोहब्बत के बाद भी,और साथ में खत्म हो जाती है ज़िन्दगी,जो जी रही होती है हममें..और रह जाती है, एक उदासी हमेशा के लिए ज़हन में..हर वक्त मेरी खुशी का पूछने ...और पढ़े

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