एक अप्रेषित-पत्र - 11 Mahendra Bhishma द्वारा पत्र में हिंदी पीडीएफ

एक अप्रेषित-पत्र - 11

Mahendra Bhishma द्वारा हिंदी पत्र

एक अप्रेषित-पत्र महेन्द्र भीष्म मग़रिब की नमाज ‘‘सुषमा! प्लीज.... देर हो रही है।'' “बस्स... दो मिनट.... अौर जज साहब।” “क्या सुषमा....? पिछले बीस मिनट से अभी तक तुम्हारे दो मिनट पूरे नहीं हुए?” मैंने रिस्टवाच में देखते हुए कहा। ...और पढ़े

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