makaan book and story is written by Lovelesh Dutt in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. makaan is also popular in Moral Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. मकान Lovelesh Dutt द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 5k 2.5k Downloads 8.7k Views Writen by Lovelesh Dutt Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण “अरे...ठाकुरदास...ओ ठाकुरदास...” अन्दर आते हुए डाकिये की आवाज़ ने अमरावती को असहज कर दिया। उसने पास बैठी अपनी दस वर्षीया बेटी कीर्ति को संबोधित करते हुए उत्तर दिया, “जा...डाकिया ताऊ के लै कुस्सी डार दे” फिर थोड़ी ऊँची आवाज में डाकिए से कहा, “वे घरै नाय हैं दद्दा...आप भीतर आवौ...” अमरावती ने अपने सिर पर पड़ा पल्ला आवक्ष खींच लिया और छप्पर से बाहर निकलकर उसे सहारा देने वाली मोटी बल्ली की आड़ में हो गयी। कीर्ति ने प्लास्टिक की कुर्सी दूर अनार के छितराये हुए पेड़ के नीचे खड़े डाकिये के लिए डाल दी। प्लास्टिक की कुर्सी पर पड़ीं More Likes This अदृश्य त्याग अर्द्धांगिनी - 3 द्वारा archana क्या सब ठीक है - 1 द्वारा Narayan Menariya अम्मा - 1 द्वारा Nandini Agarwal Apne Kalam Sein नफ़रत वाला पति, मोहब्बत वाली ज़िंदगी - 2 द्वारा Rameshvar Gadiya When Miracles Happen - 1 द्वारा fiza saifi पर्दे के पीछे - 1 द्वारा ARTI MEENA फुटपाथ की ओर जीवन द्वारा Chandrika Menon अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी