माँ: एक गाथा - भाग - 4 Ajay Amitabh Suman द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

माँ: एक गाथा - भाग - 4

Ajay Amitabh Suman मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी कविता

जब भी बालक निकले घर से,काजल दही टीका कर सर पे,अपनी सारी दुआओं को,चौखट तक छोड़ आती है,धरती पे माँ कहलाती है।फिर ऐसा होता एक क्षण में,दुलारे को सज्ज कर रण में,खुद हीं लड़ जाने को तत्तपर,स्वयं छोड़ हीं ...और पढ़े