Ruk satto book and story is written by Shobhana Shyam in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Ruk satto is also popular in Moral Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. रुक सत्तो.. Shobhana Shyam द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 4k 1.7k Downloads 5.6k Views Writen by Shobhana Shyam Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण रुक सत्तो!एक बेहद सर्द दिन! दोपहर के बावजूद बाहर घटाटोप अंधकार है, जो खिड़की के रास्ते शारदा के मन-मस्तिष्क में उतरता जा रहा है। हलकी बूँदा-बाँदी बाहर भी हो रही है और अंदर भी। आसमान में रह-रह कर बिजली चमक रही है और दिल में टीस। प्रवासी बच्चों के विछोह ने स्वर्गवासी पति की यादों पर भी धार रख दी है, सो वो उसके वजूद को लहूलुहान कर रही हैं। व्हाट्सप्प के उस मैसेज को आँखों ने स्कैन करके अंदर रख लिया था और दोपहर से बार-बार रिवाइंड कर के देख रही थीं कि शायद आँखों में घिरी बदली के More Likes This रामेसर की दादी - 1 द्वारा navratan birda देवर्षि नारद की महान गाथाएं - 1 द्वारा Anshu पवित्र बहु - 1 द्वारा archana ज़िंदगी की खोज - 1 द्वारा Neha kariyaal अधूरा इश्क़ एक और गुनाह - 1 द्वारा archana सुकून - भाग 1 द्वारा Sunita आरव और सूरज द्वारा Rohan Beniwal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी