कहानी एक शांत और सुंदर आकाश में शुरू होती है, जब अचानक एक बड़ा स्पेशिप काले बादलों के पीछे से गुजरता है और पृथ्वी के चारों ओर मंडराने लगता है। यह स्पेशिप एक सुरक्षित जगह पर लैंडिंग करता है। इसी समय, एक व्यक्ति बाजार में सामान खरीदने के बाद अपना पर्स निकालता है, तभी एक चोर उसका पर्स छीनकर भाग जाता है। चोर डर के मारे भागता हुआ स्पेशिप के पास पहुंच जाता है और उसे छिपने की जगह मिल जाती है। चोर स्पेशिप के अंदर जाता है और वहां एक विशाल कक्ष देखता है। वह स्पेशिप के कंट्रोल रूम में पहुंचता है, जहां एक विचित्र प्राणी अपने साथियों को आदेश दे रहा है। अचानक एक परग्रही चोर को पकड़कर उसके कप्तान के पास ले जाता है। कप्तान चोर को अजीब नजरों से देखता है और उसे एक मशीन पर बांधकर प्रयोग करने लगता है। परंतु चोर भागने में सफल हो जाता है और एक साधारण डब्बा लेकर निकल जाता है। जब चोर डब्बा खोलता है, तो उसे एक अजीब चिन्ह मिलता है, जिसे देखकर वह निराश होता है। वहीं परग्रही चोर के भागने की खबर सुनकर परेशान हो जाते हैं, क्योंकि वह चिन्ह उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण था। कप्तान गुस्से में आदेश देता है कि चोर को तुरंत ढूंढा जाए, क्योंकि वह चिन्ह गलत हाथों में जा सकता है, जो दुनिया के लिए खतरा बन सकता है। कहानी का अगला भाग जल्द ही आने वाला है। द स्योर मैन - पार्ट १ Hareesh Kumar Sharma द्वारा हिंदी फिल्म समीक्षा 7.4k 4.9k Downloads 12.2k Views Writen by Hareesh Kumar Sharma Category फिल्म समीक्षा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सुमसाम और सुन्दर आशमान में सन्नाटा छाया हुआ था कि अचानक एक बहुत बड़ा स्पेशिप काले बादलों के पीछे से गुजरा और उसकी गति के कारण उसे ठीक से देख पाना सम्भव नहीं था लेकिन वो स्पेशिप पृथ्वी के चारों ओर मंडराने लगा । लग रहा था कि जैसे उसने पहली बार किसी ऐसे ग्रह को देखा हो और अब वह लैैैन्डिग के लिए किसी सुरक्षित स्थान ख़ोज रहा हो । कुछ समय की उड़ान भरने के बाद एक जगह पर सफलतापूर्वक लैैैन्डिग कर लेता है।तभी बाजार में एक व्यक्ती कुछ सामान खरीदने के बाद वहां पर खड़ा होकर दुकानदार को Novels द स्योर मैन सुमसाम और सुन्दर आशमान में सन्नाटा छाया हुआ था कि अचानक एक बहुत बड़ा स्पेशिप काले बादलों के पीछे से गुजरा और उसकी गति के कारण उसे ठीक से देख पाना सम्भ... More Likes This ट्रिपलेट्स भाग 1 द्वारा Raj Phulware नेहरू फाइल्स - भूल-80 द्वारा Rachel Abraham Dhurandhar - Movie Review द्वारा Ashish पती पत्नी और वो - भाग 1 द्वारा Raj Phulware टीपू सुल्तान नायक या खलनायक ? - 9 द्वारा Ayesha फिल्म समीक्षा द डिप्लोमेट द्वारा S Sinha सिल्वरस्क्रीन के गोल्डन ब्वॉयज़ - 1 द्वारा Prabodh Kumar Govil अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी