यह कहानी मांही और सोहा की है, जो कॉलेज की सहेलियां थीं और लंबे समय तक संपर्क में नहीं थीं। मांही शिकागो में बस गई थी जबकि सोहा दिल्ली में थी। एक दिन सोहा ने मांही से संपर्क किया और मिलने का तय किया। मांही ने सोहा के पसंदीदा व्यंजन बनाकर उसका स्वागत किया। जब सोहा घर पहुंची, तो दोनों सहेलियां खुशी से एक-दूसरे से मिलीं और अपनी पुरानी यादों को ताजा करने लगीं। उन्होंने एक-दूसरे की जिंदगी के बारे में बातें की और रात भर गपशप की। कहानी दोस्ती, यादों और एक-दूसरे के प्रति प्यार को दर्शाती है, जो समय के साथ भी कायम रहता है। कुमकुम बिंदी कंगना Renu Gupta द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 9.2k 1.7k Downloads 9.6k Views Writen by Renu Gupta Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण यह कहानी 25 सितंबर 2019 को राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित हो चुकी है। कुमकुम बिंदी कंगना “ओह सोहा यार, मुझे तेरी आवाज़ सुन कर भी यकीन नहीं हो रहा कि मैं तुझसे बात कर रही हूँ। तू और शिकागो में........,” मांही ने अपनी कालेज के जमाने की बेस्टी सोहा से कहा। “हाँ यार, मेरे बहन बहनोई यहाँ हैं। उनसे ही मिलने आई थी। तू तो सुना शादी के बाद से ही यहाँ है। यहाँ आने से एक दिन पहले आरित ने मुझे तेरे बारे में बताया कि तू तो यहाँ सेटल्ड है। उसी से मुझे तेरा फोन More Likes This खोटा सिक्का - 1 द्वारा prem chand hembram कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 1 द्वारा miss k सूर्यकुल का सूर्यास्त - 1 द्वारा ALLA NOOR KHAN मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma मांई के मांई द्वारा Anant Dhish Aman हंटर - 2 द्वारा Ram Make अंधविश्वास - अंधेरा नहीं, सोच बदलो - 1 द्वारा Kaushik dave अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी