कहानी "अनुराधा" में एक विवाह योग्य लड़की की दुखद स्थिति का वर्णन किया गया है। अनुराधा, जो तेईस वर्ष की हो चुकी है, अभी तक अविवाहित है और उसके लिए कोई वर नहीं मिल रहा है। समाज में विवाह की परंपराएं, जैसे दान-दहेज और कुंडली की जांच, उसके लिए एक बाधा बन गई हैं। कहानी में विजय नामक युवक का उल्लेख है, जो अपने परिवार की संपत्ति को लेकर चिंतित है। वह अनुराधा के परिवार से संबंधित मुद्दों का सामना करने के लिए तैयार नहीं है और चाहता है कि अनुराधा खुद अपनी समस्याएं बताए। विनोद, जो गांव का निवासी है, अनुराधा की कठिनाइयों और उसके परिवार के पतन का इतिहास बताता है। गणेशपुरा नामक गांव में अनुराधा के पूर्वजों की संपत्ति थी, परंतु अब वह दूसरों के हाथ में चली गई है। अनुराधा के पिता का जीवन स्तर बहुत ऊँचा था, लेकिन अब उनकी स्थिति बहुत खराब हो गई है। कहानी इस सामाजिक स्थिति और विवाह की जटिलताओं के इर्द-गिर्द घूमती है। अनुराधा - 1 Sarat Chandra Chattopadhyay द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 65.7k 29.5k Downloads 47.1k Views Writen by Sarat Chandra Chattopadhyay Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण लड़की के विवाह योग्य आयु होने के सम्बन्ध में जितना भी झूठ बोला जा सकता है, उतना झूठ बोलने के बाद भी उसकी सीमा का अतिक्रमण किया जा चुका है और अब तो विवाह होने की आशा भी समाप्त हो चुकी है। ‘मैया री मैया! यह कैसी बात है?’ से आरम्भ करके, आंखें मिचकाकर लड़की के लड़के-बच्चों की गिनती पूछने तक में अब किसी को रस नहीं मिलता। समाज में अब यह मजाक भी निरर्थक समझा जाने लगा है। ऐसी ही दशा है बेचारी अनुराधा की। और दिलचस्प बात यह है कि घटना किसी प्राचीन युग की नहीं बल्कि एकदम आधुनिक युग की है। इस आधुनिक युग में भी केवल दान-दहेज, पंचाग, जन्म-कुंड़ली और कुल-शील की जांच-पड़ताल करते-करते एसा हुआ कि अनुराधा की उम्र तेईस को पार कर गई, फिर भी उसके लिए वर नहीं मिला। Novels अनुराधा लड़की के विवाह योग्य आयु होने के सम्बन्ध में जितना भी झूठ बोला जा सकता है, उतना झूठ बोलने के बाद भी उसकी सीमा का अतिक्रमण किया जा चुका है और अब तो विव... More Likes This वंश और विरासत - भाग 1 द्वारा prem chand hembram गरीब के बहते आंसु - 1 द्वारा prem chand hembram बांसुरी की धुन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram राहें - 9 द्वारा shiromani mathur एक घरवाली, चार बाहरवाली द्वारा sukhvinder Singh Rai धर्मराज की सभा - 1 द्वारा prem chand hembram खोटा सिक्का - 1 द्वारा prem chand hembram अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी