गुरु नानक देव जी का जन्म 1469 में तलवंडी में हुआ, जहाँ वे अपने अनोखे विचारों और तर्कों से लोगों को प्रभावित करते थे। उनके पिता चाहते थे कि वे पारिवारिक जिम्मेदारियों पर ध्यान दें, लेकिन गुरु नानक ने समाज में फैली अज्ञानता और सामाजिक समस्याओं की ओर ध्यान दिया। उन्होंने अपने परिवार को छोड़कर मानवता की भलाई के लिए यात्राएं शुरू कीं। एक दृश्य में, जब गुरु नानक अन्य लोगों के साथ संगम पर जल अर्पण कर रहे थे, उन्होंने सूर्य की ओर पीठ कर ली, जिससे एक पंडित ने उन्हें टोका। गुरु नानक ने तर्क दिया कि यदि उनका जल सूर्य तक पहुँच सकता है, तो उनका जल पंजाब में उनके खेतों तक भी पहुँच जाएगा। एक अन्य दृश्य में, गुरु नानक अपने शिष्यों के साथ मक्का पहुँचते हैं, जहाँ थकावट के कारण वे सो जाते हैं और उनके पांव काबा की ओर हो जाते हैं। यह उनके लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जिसमें वे विभिन्न धर्मों के बीच एकता का संदेश फैलाते हैं। इस प्रकार, गुरु नानक का जीवन और उनकी शिक्षाएँ समाज में सच्चाई और भाईचारे का संचार करती हैं। आखर चौरासी - 11 Kamal द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 3.7k 3k Downloads 6.3k Views Writen by Kamal Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सन 1469 ई., कार्तिक पूर्णिमा को लाहौर से 15 कोस दूर तलवण्डी में जन्मा वह मुस्काता बालक उम्र के साथ-साथ बड़ा हो रहा था। लोग-बाग जहाँ उसके विचित्र कौतुकों को आश्चर्य से देखते, उसके सार्थक तर्कों से चमत्कृत होते। वहीं उसके दुनियादार पिता बड़े परेशान रहते। पिता चाहते थे कि वह घर-बार की चिन्ता करे, परन्तु उसने तो सारे संसार की चिन्ता करनी थी। समाज में चारों ओर अज्ञानता का अंधकार छाया हुआ था। उस समय विभिन्न धर्म अपने-अपने तरीके से स्वर्ग की राह बतला रहे थे। लेकिन सच्ची रोशनी किसी ओर से नज़र नहीं आ रही थी। Novels आखर चौरासी कोयला खदान की गहराई से ऊपर धरती की सतह तक आने में हरनाम सिंह बुरी तरह थक चुके थे। खाखी रंग के हाफ पैंट और शर्ट पर कई जगह कोयले की कलिख लगी थी, जो खदान... More Likes This मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma मांई के मांई द्वारा Anant Dhish Aman हंटर - 2 द्वारा Ram Make अंधविश्वास - अंधेरा नहीं, सोच बदलो - 1 द्वारा Kaushik dave टूटता हुआ मन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram अदृश्य त्याग अर्द्धांगिनी - 3 द्वारा archana क्या सब ठीक है - 1 द्वारा Narayan Menariya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी