इस कहानी में लेखक यशवंत कोठारी हेलमेट पहनने की समस्या और उससे जुड़ी पुलिस की कार्यप्रणाली पर व्यंग्यात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं। वरमाजी, जो एक व्यक्ति हैं, वे हेलमेट पहनने की अनिवार्यता और उसके कारणों पर चर्चा करते हैं। वे बताते हैं कि जब वे अपनी नानी या दादी को मंदिर ले जाते हैं, तो हेलमेट पहनने में कठिनाई होती है, क्योंकि बुजुर्ग महिलाएं हेलमेट को संभाल नहीं पातीं। वे पुलिस के चालान सिस्टम और सुविधा शुल्क की समस्या पर भी प्रकाश डालते हैं, जिसमें चालान के नाम पर जनता को परेशान किया जाता है। वरमाजी अपने अनुभव साझा करते हैं कि कैसे उन्हें गलत साइड चलने पर चालान से बचने के लिए पुलिस को पैसे देने पड़े। कहानी में यह भी बताया गया है कि कई शहरों में हेलमेट पहनना अनिवार्य नहीं है, और सरकार को इस नियम पर नरम रुख अपनाना चाहिए। साथ ही, पुलिस की कार्यशैली और चालान की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए हैं। अंत में लेखक यह सुझाव देते हैं कि पुलिस और सरकार को बुजुर्गों के प्रति थोड़ा सहानुभूतिपूर्ण होना चाहिए। अफसर का अभिनन्दन - 22 Yashvant Kothari द्वारा हिंदी हास्य कथाएं 3.2k 3.8k Downloads 9.3k Views Writen by Yashvant Kothari Category हास्य कथाएं पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण हेलमेट की परेशानी यशवन्त कोठारी वरमाजी राष्ट्रीय पौशाक अर्थात लुगी और फटी बनियांन में सुबह सुबह आ धमके। गुस्से में चैतन्य चूर्ण की पींक मेरे गमले में थूक कर बोले यार ये पीछे वाले हेलमेट की गजब परेशानी है। पहनो तो दोनो हेलमेट टकराते है, नहीं पहनो तो पुलिस वाले टकराते है। अब आप ही बताओं भाई साहब नब्बे बरस की बूढ़ी दादी या नानी को मंदिर दर्शन ले जाने वाला पोता या नाती इस दूसरे हेलमेट से कैसे जीते। दादी-नानी जिसकी गर्दन हिल रही है, कपडे नहीं संभाले जा रहे है वो बेचारी सर पर टोपलेनुमा Novels अफसर का अभिनन्दन कामदेव के वाण और प्रजातंत्र के खतरे यशवन्त कोठारी होली का प्राचीन संदर्भ ढूंढने निकला तो लगा कि बसंत के आगमन के साथ ही चारों तरफ कामदेव अपने वा... More Likes This मजनू की मोहब्बत पार्ट-1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik मजनू की मोहब्बत द्वारा Deepak Bundela Arymoulik सैयारा का तैयारा द्वारा dilip kumar झग्गू पत्रकार (व्यंग सीरीज) द्वारा Deepak Bundela Arymoulik देसी WWE - गांव के पहलवान बनाम विलायती दंगल ! - 1 द्वारा sachim yadav कॉमेडी का तड़का - 1 द्वारा Kaju Check-In हुआ, Check-Out नहीं! - अध्याय 3 द्वारा Sakshi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी