"कहाँ गए जलाशय?" यशवंत कोठारी द्वारा लिखित एक चिंताजनक कहानी है, जो जल संकट और जल स्रोतों के विनाश पर केंद्रित है। कहानी में बताया गया है कि वर्तमान में देश और विदेश में पानी की भयंकर कमी है, जिससे लोग त्रस्त हैं। नदियाँ, तालाब, कुएँ और अन्य जल स्रोत धीरे-धीरे समाप्त हो रहे हैं। पुराने जल स्रोतों को मिट्टी से पाटकर भवन बनाना, अतिक्रमण और भूमाफियाओं के कारण जल संसाधनों का नाश हो रहा है। नई पीढ़ी केवल नल और टेंकर से पानी प्राप्त करने की आदत डाल चुकी है, जबकि पुराने जल स्रोतों की स्थिति अत्यंत खराब है। लेखक ने यह भी उल्लेख किया है कि भारत की प्रमुख नदियाँ मानव सभ्यता के लिए महत्वपूर्ण रही हैं, लेकिन आज ये नदियाँ संकट में हैं। सरकार और समाज दोनों ही नदियों के संरक्षण में असफल हो रहे हैं। नदियों का संरक्षण आवश्यक है, क्योंकि जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। कहानी अंत में नाथद्वारा में बानी बनास नदी के सूखने का उदाहरण देते हुए जल संकट की गंभीरता को उजागर करती है, जहां अतिक्रमण के कारण नदियों का बहाव खत्म हो गया है। कुल मिलाकर, यह कहानी जल संकट की समस्या और इसके समाधान के लिए ईमानदार प्रयासों की आवश्यकता पर जोर देती है। अफसर का अभिनन्दन - 21 Yashvant Kothari द्वारा हिंदी हास्य कथाएं 3.4k 5.1k Downloads 11k Views Writen by Yashvant Kothari Category हास्य कथाएं पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कहाँ गए जलाशय ? यशवंत कोठारी भयंकर गर्मी है देश –परदेश में पानी के लिए त्राहि त्राहि हो रही है.बूंद बूंद के लिए सर फूट रहे हैं .अगला विश्व युद्ध पानी के लिए ही लड़ा जायगा.देखते देखे हजारों जल स्रोत मर गए.उनका कोई अत –पता नहीं है.नदियाँ नाले बन गई.नाले लुप्त हो गए.झीले ,तालाब,पोखर ,कुएं बावड़िया सब धीरे धीरे नष्ट हो रहे हैं,जो लोग पचास साठ साल के हैं वे जानते हैं उनके आस पास के जल श्रोत याने वाटर बॉडीज समाप्त हो गए.जयपुर का राम गढ़ बांध मर गया ,कानोता बांध आखरी सांसे गिन रहा है अनुपम मिश्र Novels अफसर का अभिनन्दन कामदेव के वाण और प्रजातंत्र के खतरे यशवन्त कोठारी होली का प्राचीन संदर्भ ढूंढने निकला तो लगा कि बसंत के आगमन के साथ ही चारों तरफ कामदेव अपने वा... More Likes This तीन तिगाड़ा, असाइनमेंट बिगाड़ा! द्वारा Shivam Dhuriya साहित्य का सर्कस - 1 द्वारा rakshita pal रांड का संड - भाग 1 द्वारा Renu Chaurasiya Conversations With Myself - 4 द्वारा Aarushi Singh Rajput पिंकू की परी - 1 द्वारा Deepak Kumar Tiwari Deeptansh वेरियन के आसमान का खूंखार ताज - 4 द्वारा sukhvinder Singh Rai प्यार भी तुमसे और टकरार भी - 1 द्वारा July Writes अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी