यशराज फिल्म की नई पेशकश 'वॉर' की कहानी भारत के लिए खतरनाक आतंकवादी को समाप्त करने वाले बहादुर सैनिकों के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ का मुकाबला है, जो आतंक के सरगना से लड़ते-लड़ते एक-दूसरे के खिलाफ हो जाते हैं। कहानी में कुछ नया नहीं है, लेकिन इसकी प्रस्तुति अच्छी है। फिल्म का पहला भाग ठीकठाक लगता है, लेकिन दूसरे भाग में कई रोचक ट्विस्ट सामने आते हैं। ढाई घंटे की यह फिल्म कहीं भी धीमी नहीं पड़ती, क्योंकि एक्शन और सस्पेंस को अच्छे से पिरोया गया है। अंत में एक बड़ा रहस्य दर्शकों को चौंका देता है। फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसकी कास्टिंग है, जहां ऋतिक और टाइगर की जोड़ी नजर आती है। दोनों के बीच तुलना अनिवार्य है। दोनों को समान लंबाई के रोल मिले हैं और एक्टिंग में दोनों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है, हालांकि टाइगर कुछ दृश्यों में कमज़ोर नजर आते हैं। अन्य कलाकारों में वाणी कपूर का रोल छोटा है, लेकिन उन्होंने अच्छा काम किया है। आशुतोष राणा और अनुप्रिया गोएंका ने भी अपनी भूमिकाएं अच्छी तरह निभाई हैं। निर्देशक सिद्धार्थ आनंद ने शानदार काम किया है और 'वॉर' ने 'बेंग बेंग' से बेहतर प्रदर्शन किया है। कुल मिलाकर, फिल्म में एक्शन और मनोरंजन की भरपूर मात्रा है, जो दर्शकों को बांधे रखती है। फिल्म रिव्यू ‘वॉर’- हिट या हथौडा..? Mayur Patel द्वारा हिंदी फिल्म समीक्षा 29.9k 3.3k Downloads 11.8k Views Writen by Mayur Patel Category फिल्म समीक्षा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण यशराज फिल्म की ताजी पेशकश ‘वॉर’ की कहानी भारत के लिए खतरनाक साबित होनेवाले आतंकी आका को खत्म करने के लिए मैदान-ए-जंग में उतरनेवाले जांबाज सोल्जर्स की है. कहानी में ज्यादा कुछ नयापन तो नहीं है, पर कहानी की प्रस्तुति अच्छे से की गई है. ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ आतंक के सरगना से भीडते भीडते खुद एक दूसरे के खिलाफ हो जाते है. क्यूं और कैसे? ये जानने के लिए आपको ईस ‘वॉर’ का हिस्सा बनना पडेगा. इन्टरवल तक ठीकठाक लगनेवाली फिल्म दूसरे भाग में ज्यादा रोचक बन जाती है जब कहानी में कुछ मजेदार ट्विस्ट आते है. ढाई Novels फिल्म रिव्यू - मयूर पटेल फिल्म रिव्यू – ‘ठग्स ओफ हिन्दोस्तान’… दर्शको को वाकइ में ठग लेगी ये वाहियात फिल्म कई सालों से ये होता चला आ रहा है की दिवाली के त्योहार पर रिलिज हुई... More Likes This ट्रिपलेट्स भाग 1 द्वारा Raj Phulware नेहरू फाइल्स - भूल-80 द्वारा Rachel Abraham Dhurandhar - Movie Review द्वारा Ashish पती पत्नी और वो - भाग 1 द्वारा Raj Phulware टीपू सुल्तान नायक या खलनायक ? - 9 द्वारा Ayesha फिल्म समीक्षा द डिप्लोमेट द्वारा S Sinha सिल्वरस्क्रीन के गोल्डन ब्वॉयज़ - 1 द्वारा Prabodh Kumar Govil अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी