कुंवारी कन्याओं का कुवांरा पर्व "सांझी" एक महत्वपूर्ण पारंपरिक त्योहार है, जिसे राजस्थान, गुजरात, ब्रजप्रदेश, मालवा और अन्य क्षेत्रों की कुंवारी कन्याएं खुशी और उत्साह से मनाती हैं। यह पर्व आश्विन मास के कृष्ण पक्ष से शुरू होता है और पितृपक्ष के दौरान चलता है। इस दौरान, कन्याएं गाय के गोबर से विभिन्न आकृतियां बनाती हैं, जिन्हें फूल, पत्ते, और अन्य सजावटी सामग्रियों से संवारा जाता है। संजा की पूजा 16 दिनों तक चलती है, जहाँ पूर्णिमा को कन्या की प्राप्ति और अमावस्या को विदाई मानी जाती है। संजा की आकृतियों का आकार और सजावट समय के साथ बदलती रही हैं, और अब ये छोटी बन गई हैं। इस पर्व में विभिन्न आकार के सांझी बनाए जाते हैं, जैसे कि बैलगाड़ी, सूरज, चाँद आदि। कन्याएं इस कार्य के लिए दिनभर तैयारियों में जुटी रहती हैं, क्योंकि यह उनके भविष्य के सुहाग की कामना से जुड़ा होता है। संजा की पूजा में लोक गीत गाए जाते हैं और आरती के बाद प्रसाद वितरित किया जाता है। इस पर्व का सांस्कृतिक महत्व गहरा है, और यह कुंवारी कन्याओं की भावनाओं और मंगल कामनाओं का प्रतीक है। वैश्या वृतांत - 17 Yashvant Kothari द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 4.1k 4.8k Downloads 10.6k Views Writen by Yashvant Kothari Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कुंवारी कन्याओं का कुवांरा पर्व-साँझी-- यशवन्त कोठारी राजस्थान, गुजरात, ब्रजप्रदेश, मालवा तथा अन्य कई क्षेत्रों में सांझे का त्यौहार कुंवारी कन्याएं अत्यन्त उत्साह और हर्ष से मनाती हैं। श्राद्धों के प्रारम्भ के साथ ही याने आश्विन मास के कृष्ण पक्ष से ही इन प्रदेशों की कुंवारी कन्यांए सांझा बनाता शुरू करती हैं जो सम्पूर्ण पितृपक्ष में चलता है।घर के बाहर, दरवाजे पर दीवारों पर कुंवारी गाय का गोबर लेकर लड़कियां विभिन्न आकृतियां बनाती है। उन्हें फूल पत्तों, मालीपन्ना सिन्दूर आदि से सजाती है और संध्या समय उनका पूजन करती है। संजा के समय निम्न गीत गाया जाता हैं।संझा का पीर Novels वैश्या वृतांत देह व्यापार.विवेचन इनसाइक्लोपेडिया ब्रिटानिका के अनुसार देह व्यापार का अर्थ है मुद्रा या धन या मंहगी वस्तु और षारीरिक सम्बन्धों का विनिमय। इस परिभापा... More Likes This इस घर में प्यार मना है - 4 द्वारा Sonam Brijwasi अनोखी प्रेम कहानी - 1 द्वारा kuldeep Singh घर से वापिसी - 1 द्वारा swati दीवाने की दिवानियत - एपिसोड 1 द्वारा kajal jha अनचाही शादी - किस्मत का सौदा - भाग 1 द्वारा Annu Kumari अधुरी डायरी द्वारा kajal jha अदृश्य पीया - 1 द्वारा Sonam Brijwasi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी