नूर ने शैली को गले लगाकर माफी मांगी और कहा कि वह उसके साथ है। शैली ने नूर को जॉब करने से मना किया, लेकिन नूर ने कहा कि वह नौकरी करेगी और अनुज को सजा दिलाएगी। नूर ने अपने पिता से जॉब करने की अनुमति मांगी, और उन्होंने समर्थन दिया। नूर ने अपने भाई को बताया कि उसे जॉब की जरूरत नहीं है, लेकिन शैली की मदद के लिए वह काम करना चाहती है। भाई ने उसे सलाह दी कि वह कभी अकेली महसूस न करे। नूर को अपने परिवार का समर्थन मिल गया, जिससे वह खुश थी। अब नहीं सहुंगी...भाग 10 Sayra Ishak Khan द्वारा हिंदी महिला विशेष 17.4k 3.8k Downloads 7.3k Views Writen by Sayra Ishak Khan Category महिला विशेष पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण नूर ने अपने सीने से लगाया शैली को ओर कहा मुझे माफ़ कर दे में बस तुझसे सच सुना चाहती थी इसलिए तुझे बुरा भला बोला तूने इतना सब अकेले कैसे सहा है तू तो कभी छोटी सी बात भी मुझे बोले बिना नहीं रहती थी आज इतना सब तेरे साथ हो गया ओर तू सहती रही शैली अब से तू अकेली नहीं है में तेरे साथ हूं...! अब आगे। भाग 10शैली ने कहा! नूर तू वहां जॉब नहीं करेगी! नूर ने कहा!" शैली अब तू Novels अब नहीं सहुंगी... हल्लो दोस्तों...मैं एक बार फिर से आप लोगो के सामने एक नई कहानी लेकर हाजिर हूं ! मुझे उम्मीद है ,आप सभी को मेरी ये कहानी भी पसंद आएगी! मेरी कहानी ऐसी फ... More Likes This इस घर में प्यार मना है - 6 द्वारा Sonam Brijwasi चंदेला - 3 द्वारा Raj Phulware फूल की किस्मत - 1 द्वारा KANKSHA VASNIK जहरीला घुंगरू - भाग 1 द्वारा Raj Phulware अनकही मोहब्बत - 6 द्वारा Kabir इंतेक़ाम - भाग 17 द्वारा Mamta Meena तन्हाई - 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी