बेबी को अपने भाई राजू के जन्मदिन पर साइकिल नहीं मिलने का दुख है, जबकि राजू को साइकिल मिल गई है। बेबी गुस्से में है और चाहती है कि उसे भी साइकिल मिले, लेकिन उसकी मां उसे समझाती हैं कि उसके पिता ने उसे सोने की बालियां दी हैं। बेबी अपने भाई के पीछे बैठने को तैयार नहीं है और इससे झगड़ा बढ़ता है। गुड़िया, जो शांति बनाए रखने की कोशिश करती है, बेबी को समझाती है कि वह मां के खिलाफ नहीं बोल सकती। सुरेश और विमला, उनके माता-पिता, बच्चों के झगड़ों को नजरअंदाज करने की कोशिश कर रहे हैं और राजू के स्वास्थ्य पर ध्यान देने की बात कर रहे हैं। विमला यह भी बताती है कि बेबी के हाथ में दर्द है और उसे डॉक्टर के पास ले जाना है। कहानी में परिवार के बीच के संबंध और बच्चों की भावनाओं को दर्शाया गया है। गुरु मां Amita Joshi द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 9.5k 2.9k Downloads 11k Views Writen by Amita Joshi Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण "मां आपने भईया को साइकिल लेकर दी उनके जन्मदिन पर और मुझे नहीं ",बेबी ने तुनक कर खाने की प्लेट नीचे फैंक दी ।"तुझे इस बार तेरे पापा ने कान की सोने की बाली लेकर दी है न , साईकिल दोनों मिलकर चला लेना ",मां ने बेेेबी को शांत करते हुए कहा ।"हां ,बेेेबी मैं साईकिल चलाऊंगा,तूू पीछे बैठ जाना ,जहां तू कहेगी वहीं चलेंगे ",राजू ने कहा ।पर बेबी को पीछे बैठना क्यों अच्छा लगता । उसके मन ने तो आगे बढ़ने के सिवाय न कभी कुछ सोचा ,न समझा ।उसके शिवसंकल्प वाले मन ने ऊंचा उड़ने के लिए More Likes This धर्मराज की सभा - 1 द्वारा prem chand hembram खोटा सिक्का - 1 द्वारा prem chand hembram कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 1 द्वारा miss k सूर्यकुल का सूर्यास्त - 1 द्वारा ALLA NOOR KHAN मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma मांई के मांई द्वारा Anant Dhish Aman हंटर - 2 द्वारा Ram Make अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी