संवेदनाओं के स्वरः एक दृष्टि - 8 Manoj kumar shukla द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

संवेदनाओं के स्वरः एक दृष्टि - 8

Manoj kumar shukla द्वारा हिंदी कविता

संवेदनाओं के स्वरः एक दृष्टि (8) पुरुषोत्तम हमारे देश का आम -आदमी साठ वर्ष बाद सठियाने लगता है, तभी तो बेचारों को सरकारी आफिसों से रिटायर्ड कर दिया जाता है । पर नेताओं की प्रजाति अन्य आदमियों से हटकर ...और पढ़े