कहानी "सुब्हा का वक्त" एक मजार के माहौल में घटित होती है, जहां लोबान की खुशबू, गुलाब के फूलों की महक और ढोलक की ताल पर कव्वालियां गूंज रही हैं। जिया और खलिल एक अजीब और डरावने माहौल में हैं, जहां लोग भयभीत नजर आते हैं। एक जंजीरों में बंधा व्यक्ति लगातार चिल्ला रहा है कि उसे जलाया न जाए और वह भागने की गुहार लगा रहा है। जिया उस व्यक्ति की ओर देखती है, जो उसकी गरदन पकड़ लेता है। खलिल उसे बचाने की कोशिश करता है, लेकिन कोई उसे रोक देता है। फिर, जब लोग दुआ कर रहे होते हैं, जिया और खलिल भी शामिल हो जाते हैं। खलिल दुआ करता है कि अगर बाबा जलाली का रुत्बा है, तो उनकी मदद की जाए। दुआ के बाद, उन्हें चारों ओर से घेर लिया जाता है और उन्हें बाबा के खादिम से मिलने का आदेश दिया जाता है। उसी समय, जंजीरों में बंधा व्यक्ति फिर से चिल्लाने लगता है। अचानक, एक सफेद दाढ़ी वाला व्यक्ति उनके सामने प्रकट होता है, जिसे देखकर जिया और खलिल चौंक जाते हैं। जिया को यकीन नहीं होता कि वह व्यक्ति बाबा है। कहानी में रहस्य और डर का माहौल है, जो जिया और खलिल की यात्रा को और अधिक रोचक बनाता है। वो कौन थी - 25 SABIRKHAN द्वारा हिंदी डरावनी कहानी 56.2k 5k Downloads 13.8k Views Writen by SABIRKHAN Category डरावनी कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सुब्हा का वक्त..!लोबान के धुंप से ढका मजार का माहौल..गुलाब के फूलो की महक..!तरह-तरह के ईत्र की मिली-झुली खुशबू का लुभावना आलम..! ढोलक के ताल कव्वालियां की रौनक..धुएं के गुब्बारो में से अलप-झलप दिखने वाले डरावने चहरे..!कुछ भी बेअसर नही था!जिया खलिल का हाथ थामे खडी थी!कोई लंबी घनी डाढी वाला शख्श मिर्गी के मरीज की तरह छटपटा रहा था ,तो कोई बड़ी बड़ी आंखों से उसे घूर रहा था! कोई अपना सर पीट रहा था तो कोई चिल्ला रहा था!"मत जलाओ मुझे..! छोड़ दो ! जाने दो यहां से!"जिया लोबान के धूप में गुम हुए उस शख्स की ओर Novels वो कौन थी.. (अपने अंदाज को बरकरार रखते हुये एक और कहानी लेकर हाजिर हुं ) १ मकान हवा उजास वाला और काफी बडा है जिजु..! निगाहने सा... More Likes This पुरानी हवेली का राज - 1 द्वारा smita शापित फाटक - 2 द्वारा Md Ibrar pratapgarhi Dont Look Behind the Mirror - Part 1 द्वारा Alfha production house Adhura sach...Siya - 1 द्वारा fiza saifi इश्क के साये में - एपिसोड 1 द्वारा kajal jha Haunted Road - 1 द्वारा Vedant Kana भ्रम राक्षस। - 1 द्वारा Ravi Bhanushali अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी