लाजवन्ती Ved Prakash Tyagi द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

लाजवन्ती

Ved Prakash Tyagi मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी लघुकथा

लाजवन्ती मैं तो अपनी बेटी को डॉक्टर बनाऊँगा, नमिता के पेट पर हाथ फिराते हुए राजेन्द्र ने कहा, और अगर बेटा हुआ तो, नमिता ने अपने पेट को दोनों हाथों का सहारा देते हुए पूछा, बेटा हुआ तो उसको ...और पढ़े

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