कांट्रैक्टर - 1 Arpan Kumar द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

कांट्रैक्टर - 1

Arpan Kumar Verified icon द्वारा हिंदी लघुकथा

सब अपने-अपने हिसाब से नौकरी करने आए थे। सब अपने-अपने हिसाब से नौकरी किए जा रहे थे। अगर देखा जाए तो आख़िरकार कोई ऑफिस भला क्या होता है! राजनीति और कार्यनीति का अखाड़ा ही तो। एन.आई.सी.एल. भी कुछ वैसा ...और पढ़े