इस लेख में लेखक यशवन्त कोठारी अश्लीलता के बढ़ते प्रभाव और इसके चारों ओर के बाजार की चर्चा करते हैं। वे बताते हैं कि अश्लीलता हमेशा चर्चा में रहती है और इसका बाजार मौजूद है, जबकि श्लीलता का कोई बाजार नहीं है। फिल्मों, साहित्य, कला और संस्कृति में अश्लीलता का जादू छाया हुआ है। वे बताते हैं कि नारी विमर्श और कला में भी अश्लीलता का समावेश हो रहा है। लेखक का यह भी कहना है कि सफलता के लिए अश्लीलता का सहारा लिया जा रहा है और लोग इसे स्वीकार कर रहे हैं। इंटरनेट पर अश्लीलता के कई साइट्स हैं और यह हर जगह फैली हुई है, जैसे कि कैबरे, डिस्को, पब, और रेड लाइट एरिया में। वे यह भी दर्शाते हैं कि समाज में विकास के साथ अश्लीलता का बढ़ना एक सामान्य बात बन गई है और लोग इसे भोगने के लिए तैयार हैं। बलात्कार की घटनाओं को भी रोचक तरीके से प्रस्तुत किया जाता है, जिससे यह समाज में एक सामान्य विषय बन जाता है। लेखक अंत में अश्लीलता की परिभाषा को बदलने की आवश्यकता पर जोर देते हैं और इसे एक समस्या के रूप में देखते हैं जो व्यक्ति को अपने में लील लेती है। वैश्या -वृतांत - 4 Yashvant Kothari द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 18.6k 19.9k Downloads 36.8k Views Writen by Yashvant Kothari Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अश्लीलता के बहाने यशवन्त कोठारी अश्लीलता एक बार फिर चर्चा में है। मैं पूछता हूं अश्लीलता कब चर्चा में नहीं रहती। सतयुग से कलियुग तक अश्लीलता के चर्चे ही चर्चे है। आगे भी रहने की पूरी संभावना है। यह बहस ही बेमानी है। श्लीलता आज है कल नहीं मगर अश्लीलता हर समय रहती है। अश्लीलता बिकती है उसका बाजार है, श्लीलता का कोई बाजार नही है। इधर एक साथ कुछ ऐसी फिल्में दृष्टिपथ से गुजरी जिनके नाम तक अश्लील लगते हैं। जिस्म, मर्डर, फायर, नो एन्ट्री, हवस, गर्लफेण्ड, खाहिश, जैकपाट, हैलो कौन है, तौबा Novels वैश्या वृतांत देह व्यापार.विवेचन इनसाइक्लोपेडिया ब्रिटानिका के अनुसार देह व्यापार का अर्थ है मुद्रा या धन या मंहगी वस्तु और षारीरिक सम्बन्धों का विनिमय। इस परिभापा... More Likes This बेजुबान इश्क - (सीजन 2) द्वारा soni कशिश - ए अहसास वह प्यार का - 1 द्वारा sumit kushwah खामोशी की धुन - 1 द्वारा Anime Toons समर्पण से आंगे - 1 द्वारा vikram kori पहली नजर का पहला प्यार द्वारा PAYAL PARDHI कुछ पल अनजाने से - भाग 1 द्वारा Gunjan Banshiwal मैं तेरे प्यार में पागल - 1 द्वारा Bharti 007 अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी