कहानी में रात का समय है और लिनिया तेजी से आबू से पालनपुर की ओर भाग रही है। खलिल, जो अस्पताल से छुट्टी लेकर अपनी अम्मीजान और गुलशन की मां के साथ है, एक गंभीर स्थिति का सामना कर रहा है। तावडे, एक पुलिस अधिकारी, ने लिनिया को एक्सीडेंट स्थल से अस्पताल पहुँचाया और सुल्तान ने उसकी सराहना की। खलिल को बताया जाता है कि उसकी पत्नी गुलशन अब इस दुनिया में नहीं है, जिससे वह गहरे सदमे में है। एक भयानक एक्सीडेंट ने उसकी जिंदगी बदल दी है और उसके सारे सपने चूर-चूर हो गए हैं। गुलशन के गर्भ में पल रहे बच्चे की चिंता उसे परेशान करती है, लेकिन वह गुलशन को खोने का ख्याल नहीं कर सकता। जिया, जो खलिल की करीबी है, उसे बताती है कि गुलशन के साथ क्या हुआ। खलिल को यह जानकर गहरा दुख होता है कि गुलशन का बलात्कार हुआ और उसे मारा गया। जिया भी एक बलिदान देती है और खलिल को अपनी चिंता होती है, जबकि वह खुद भी दुखी है। खलिल जिया को बताता है कि उसे आबू में रुकना ठीक नहीं है, और वह जिया के साथ कुछ न कुछ करने की योजना बनाता है। कहानी में खलिल की चिंता, जिया का बलिदान, और दोनों के बीच की भावनात्मक जंग को दर्शाया गया है, जहाँ वे अपने दुश्मनों का सामना करने की तैयारी करते हैं। वो कौन थी.. 21 SABIRKHAN द्वारा हिंदी डरावनी कहानी 132.7k 5.3k Downloads 13.4k Views Writen by SABIRKHAN Category डरावनी कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण रात काफी हो चुकी थी! लिनिया तेजी से आबू को पीछे छोड़ कर पालनपुर की ओर भाग रही थी! होस्पिटल से खलिल को छुट्टी मिलने के बाद खलिल उसकी अम्मीजान और गुलशन कि मां सबकी राह तक कर बैठे थे! तावडे ने लिनिया को एक्सिडेन्ट प्लेस से बिना झिझक होस्पिटल पहोंचाया था! सुल्तान ने तावडे का शुक्रिया अदा करते हुए कहा था! "आप जैसे पुलिसिये बहोत कम मिलते हैं, जो जी जान से हर कदम मुश्किलो मे साथ देते है! आप हमेशा मेरे दिल और दिमाग मे रहोगे..! मुस्कुराकर तावडे बिदा हो गया था! खलिल शोक में डूबा हुआ था! Novels वो कौन थी.. (अपने अंदाज को बरकरार रखते हुये एक और कहानी लेकर हाजिर हुं ) १ मकान हवा उजास वाला और काफी बडा है जिजु..! निगाहने सा... More Likes This कॉल - 2 द्वारा sky Raaz - Part 1 द्वारा Aarushi Singh Rajput Mitalika - Ek Adhuri Prem Kahani - Part 1 द्वारा fiza saifi Devil की दास्तान - 2 द्वारा Sonam Brijwasi 1926 की अमावस की वो खौफनाक रात - 1 द्वारा RAAHULL SHARMA गुरूजी के मार्गदर्शन में - 1 द्वारा H.k Bhardwaj यह कैसा अहसास - भाग 1 द्वारा H.k Bhardwaj अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी