कहानी "छूटी गलियाँ" में, एक लड़के का नाम सनी है, जिसका आज आखिरी पेपर है। वह अपने पिता के साथ घर में अकेला है और थोड़ी देर पहले उसने अपने दोस्त राहुल से बात की। जब वह फोन बंद करता है, तो उसे पता चलता है कि सनी दरवाजे पर खड़ा है और उसे घूर रहा है। सनी बिना कुछ बोले अपने कमरे में चला जाता है, जिसके कारण पिता चिंतित होते हैं कि कहीं उसका पेपर खराब तो नहीं हुआ। सनी अपने पेपर के बारे में बताता है कि वह ठीक गया, लेकिन वह थका हुआ महसूस कर रहा है और सोने की इच्छा जताता है। पिता को यह अजीब लगता है, लेकिन वह समझते हैं कि पढ़ाई के कारण सनी थक गया होगा। शाम को, पिता नेहा से मिलते हैं और अपनी योजना के बारे में बताते हैं। नेहा थोड़ी अनिश्चित होती है लेकिन सहमति देती है। पिता को नई चुनौतियों का सामना करने का उत्साह महसूस होता है। जब वह घर लौटते हैं, तो सनी गीता की तस्वीर को देख रहा होता है और उसकी आँखें लाल और तनावपूर्ण लग रही हैं। पिता उससे पूछते हैं कि क्या वह खाना खा चुका है और क्या वह ठीक है। सनी झटके से उठकर कहता है कि वह ठीक है और पढ़ाई करने चला जाता है। कहानी में भावनाओं का गहरा चित्रण है, जहां पिता अपने बेटे के प्रति चिंता और प्यार महसूस करते हैं, और सनी की मानसिक स्थिति को दर्शाया गया है। छूटी गलियाँ - 16 Kavita Verma द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 31.6k 3.4k Downloads 8.5k Views Writen by Kavita Verma Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण आज सनी का आखरी पेपर था मैं घर में अकेला था मैंने राहुल से बात की। उसके पेपर्स कैसे हुए वह छुट्टियों में क्या करेगा ? वह क्या बनना चाहता है इसके अलावा भी फिल्म क्रिकेट वगैरह पर भी बातें हुईं। जब फोन बंद किया देखा सनी दरवाज़े पर खड़ा मुझे घूर रहा था। अरे सनी आ गया तू पेपर कैसा गया? मैं राहुल से बात करने की ख़ुशी में उत्साहित था। Novels छूटी गलियाँ शाम होते ही मुझे घर में अकेलापन खाने को दौड़ता है इसलिए कॉलोनी के पार्क की ओर चल देता हूँ। आज भी शाम से ही पार्क में आ गया दो तीन चक्कर लगाये थक गया तो... More Likes This तलाश - गुम हुए पति की - 1 द्वारा Kishanlal Sharma सच्चाई का रक्षक - 1 द्वारा Veena Hidden Contract Marriage - 1 द्वारा Avantika आईने में बदलता जीवन - भाग 1 द्वारा Chandni choudhary अभी कहानी बाकी है - 1 द्वारा Ankit Khatri तिलस्मी - भाग 1 द्वारा Chandni choudhary माइनर टाउन: जागरण - 3-4-5-6 द्वारा Ankit Saxena अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी