हिम स्पर्श - 67 Vrajesh Shashikant Dave द्वारा उपन्यास प्रकरण में हिंदी पीडीएफ

हिम स्पर्श - 67

Vrajesh Shashikant Dave Verified icon द्वारा हिंदी उपन्यास प्रकरण

67 भोजन का समय हो गया। जीत प्रतीक्षा करने लगा कि अभी वफ़ाई कहेगी,”जीत, भोजन तैयार है। आ जाओ।“ वह प्रतीक्षा करता रहा। कोई आमंत्रण नहीं आया। अभी तक वफ़ाई ने पुकारा क्यूँ नहीं? वह नहीं पुकारेगी। ...और पढ़े