कहानी "तपते जेठ में गुलमोहर जैसा" अप्पी के जीवन की गहरी पीड़ा और संघर्ष के बारे में है। यह कहानी एक रात के अनुभव से शुरू होती है, जिसने अप्पी के जीवन को पूरी तरह बदल दिया। वह रात अप्पी के लिए अपमान, दर्द और शर्म से भरी थी, जिसने उसके और उसके साथी अभिनव के बीच की दीवार को तोड़ दिया। अप्पी अब भी अभिनव के साथ है, लेकिन उसके दिल में सब कुछ बदल गया है। वह अकेली महसूस करती है, जबकि उनका साथ केवल शारीरिक है। हर रात जब वह अभिनव के साथ होती है, तब उसे उस रात की याद आती है और वह दुखी हो जाती है। कहानी में एक पुरानी घटना का जिक्र होता है जब अभिनव ने एक बच्चे को अमरूद तोड़ने पर बुरी तरह पीटा था। अप्पी को इस बात से गहरा आघात लगता है कि अभिनव इतना क्रूर हो सकता है। आखिर में, अप्पी अपने चेहरे पर लगी चोटों और अपमान को देखती है और सोचती है कि वह भी उन औरतों की तरह है जो ऐसी स्थितियों का सामना करती हैं, जिनसे वह कभी निपट नहीं पाई। कहानी का अंत अप्पी की आत्म-प्रतिबिंबित विचारों के साथ होता है, जो उसके संघर्ष और सामाजिक मुद्दों की गहराई को दर्शाता है। तपते जेठ मे गुलमोहर जैसा - 19 Sapna Singh द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 7.6k 3.6k Downloads 8.6k Views Writen by Sapna Singh Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण बरसों बरस बीत गये उस बात को पर वो रात कभी नहीं बीती अप्पी के जीवन से। बाद उसके भी जीवन में कितने-कितने तीखे नुकीले मंजर आये... कुछ बदलता भी कैसे... जब साथ वही था ... वह कुछ नहीं बदल पाई थी ... हाॅँ, उस के भीतर बदल गया था सब... वह कोमल सी चीज भी जो अभिनव के लिए उसके दिल में थी एकायक काछ कर साफ कर दी गई थी .... विडंबना थी कि वह अब भी अभिनव के साथ थी ... जबकि साथ तो उस रात से ही छूट गया था.. तभी से वह अकेली हो गयी थी... निपट अकेली। Novels तपते जेठ मे गुलमोहर जैसा वह तेज-तेज चलने की कोशिश में हैं, पर अब उन्हें महसूस होने लगा है कि, इस तरह तेज चलना उनके लिए संभव नहीं रहा! पिछले कुछ समय से ऐसा होने लगा है कि तेज च... More Likes This माइनर टाउन: जागरण - 3-4-5-6 द्वारा Ankit Saxena इश्क की पहली बारिश - 1 द्वारा Pooja RAJPUTANA - The War of Love and Revenge - 1 द्वारा Aarushi Singh Rajput पहला प्यार ? - 2 द्वारा Alone Soul माइनर टाउन: जागरण - 1-2 द्वारा Ankit Saxena सुनहरा फलक - 1 द्वारा Digvijay Singh Rathore खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म - 1 द्वारा Shanaya khan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी