2012 में आई फिल्म 'कहानी' ने अपने रहस्यमय कथानक के कारण दर्शकों को चौंका दिया था और यह सुपरहिट साबित हुई थी। इसके बाद 'कहानी-2' आई, जो अपेक्षाकृत कमजोर रही। अब निर्देशक सुजोय घोष ने 'बदला' नामक नई फिल्म पेश की है, जो दर्शकों को फिर से चौंकाने में सफल रही है। 'बदला' की कहानी नैना सेठी (तापसी पन्नु) पर केंद्रित है, जिसे अपने बॉयफ्रेंड अर्जुन की हत्या का आरोप लगाया गया है। वकील बादल गुप्ता (अमिताभ बच्चन) उसका केस लेते हैं और नैना उसे उस रात की घटनाओं के बारे में बताती है। फिल्म की कहानी सच और झूठ के बीच के खेल पर आधारित है, जो अंत तक दर्शकों को उलझाए रखती है। फिल्म की स्क्रिप्ट और निर्देशन की प्रशंसा की जा रही है, क्योंकि यह बिना किसी फालतू चीजों के सीधे मुद्दे पर शुरू होती है और दर्शकों को अंत तक बांधकर रखती है। फिल्म में कोई गाना नहीं है, जिससे इसकी गति प्रभावित नहीं होती। अमिताभ बच्चन और तापसी पन्नु ने बेहतरीन अभिनय किया है, जबकि अमृता सिंह ने अपने किरदार में जान डाल दी है। कुल मिलाकर, 'बदला' एक ऐसा थ्रिलर है जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करता है और एक जासूसी अनुभव प्रदान करता है। ‘बदला’ फिल्म रिव्यूः धांसू स्क्रिप्ट, दिलधड़क पेशकश… Mayur Patel द्वारा हिंदी फिल्म समीक्षा 66.5k 3.4k Downloads 12.6k Views Writen by Mayur Patel Category फिल्म समीक्षा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण 2012 में एक फिल्म आई थी- ‘कहानी’, जिसकी कहानी इतनी रहस्यमय थीं की दर्शक चौंक गए थे. 8 करोड की लागत से बनी उस फिल्म ने बोक्सओफिस पर 104 करोड की कमाई की थी और सुपरहिट साबित हुई थी. फिल्म के निर्देशक सुजोय घोष की बहोत ही तारीफें हुई थीं और अभिनेत्री विद्या बालन की झोली उस साल के अवार्डस से भर गई थीं. फिल्म-मेकिंग के सभी पहलूंओ पर वो फिल्म सही मायनो में खरी उतरी थीं. उसी तर्ज पर बनीं फिल्म ‘कहानी-२’ बस ठीकठाक ही थीं और फ्लोप हुई थीं. अब उन दो फिल्मों के निर्देशक लेकर आए है Novels फिल्म रिव्यू - मयूर पटेल फिल्म रिव्यू – ‘ठग्स ओफ हिन्दोस्तान’… दर्शको को वाकइ में ठग लेगी ये वाहियात फिल्म कई सालों से ये होता चला आ रहा है की दिवाली के त्योहार पर रिलिज हुई... More Likes This ट्रिपलेट्स भाग 1 द्वारा Raj Phulware नेहरू फाइल्स - भूल-80 द्वारा Rachel Abraham Dhurandhar - Movie Review द्वारा Ashish पती पत्नी और वो - भाग 1 द्वारा Raj Phulware टीपू सुल्तान नायक या खलनायक ? - 9 द्वारा Ayesha फिल्म समीक्षा द डिप्लोमेट द्वारा S Sinha सिल्वरस्क्रीन के गोल्डन ब्वॉयज़ - 1 द्वारा Prabodh Kumar Govil अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी