इस कहानी में अमर की सुबह की शुरुआत होती है जब उसकी आंखें बहुत देर से खुलती हैं। वह देखता है कि कमरे में कोई नहीं है और बाहर कोहरा है। उसे याद आता है कि रात में उसे बहुत दर्द हो रहा था और वह ठीक से सो नहीं पाया। जब वह बाथरूम से लौटता है, तो रेवती, जो परिवार की सदस्य जैसी है, उसकी देखभाल करने आती है। वह उसे चाय और खाने के लिए कहती है और उसकी चिंता करती है। अमर अपनी स्थिति के बारे में बताने में असमर्थ है और सोचता है कि वह घर जाना चाहता है। लेकिन रेवती उसे जाने नहीं देती और उसकी तबियत को लेकर चिंतित रहती है। कहानी में अमर की मानसिक स्थिति और रेवती की देखभाल का भाव दिखाया गया है। सड़कछाप - 18 dilip kumar द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 9.7k 4.3k Downloads 10.3k Views Writen by dilip kumar Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सुबह अमर की आंख बहुत देर से खुली। जागते ही उसने शीशे की खिड़की से बाहर देखा तो अभी भी बहुत कोहरा था। उसने घड़ी में वक्त देखा तो साढ़े नौ बज रहे थे। कमरे में कोई नहीं था। कमरे का हीटर बुझा हुआ था मगर लाइट जली हुई थी। उसने इधर -उधर देखा, टोह ली। ना तो कोई ऊपर के किचेन में था और ना ही बाथरूम में। रात की पूरी घटना उसे याद हो आयी। उसका मन बड़ा अनमनयस्क हो रहा था। शरीर ने बेचैनी का सिग्नल दिया तो उसे याद आया कि उसे पेशाब लगी है और इसी लिये उसकी आँख खुली है शायद। Novels सड़कछाप सर्दियों की सुबह, शीतलहर से समूचा उत्तर भारत कांप रहा था। चरिंद-परिन्द सब हल्कान थे कुदरत के इस कहर से। कई दिनों से सूर्य देवता ने दर्शन नहीं दिये थे... More Likes This त्रिवेणी: एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर - 1 द्वारा Triveni chakrdhari अनाथ - अध्याय 1 द्वारा Dev Kumar Rawat गायब - एक रात की कहानी - 1 द्वारा Patel Lay Starseeds - Part 1 द्वारा vyomatara Oyy Mr. Vampire - 1 द्वारा kusum kumari बारह बरश का इंतज़ार - 2 द्वारा kusum kumari Second Chance - 1 द्वारा wang pang अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी