कहानी में सुविज्ञ, नीरु और अप्पी के बीच के संवेदनशील रिश्तों का चित्रण किया गया है। सुविज्ञ जब फ्रेश होकर आता है, तो अप्पी उसके प्रति अपने गहरे भावों को छिपाने की कोशिश करती है। वह अपने दर्द और खोने के एहसास से जूझ रही है, जबकि सुविज्ञ के साथ बिताए क्षणों में उसकी भावनाएँ गहराई से जुड़ी हुई हैं। सुविज्ञ, नीरु और अप्पी कार में यात्रा करते हैं, जहाँ अप्पी का मन भारी है और वह अपने विचारों में खोई हुई है। स्टेशन पर हलचल देखकर, अप्पी यह सोचती है कि लोग इतनी सुबह किस काम में व्यस्त हैं। ट्रेन में, सुविज्ञ अपने सहयात्री के साथ बातचीत करते हैं, जबकि अप्पी चुप्पी साधे हुए है। अप्पी सुविज्ञ से उसकी वापसी के बारे में पूछती है, और वह मई में आने का वादा करता है। इस बातचीत में अप्पी को इंतजार की उबाऊ भावना का एहसास होता है, जो उनके रिश्ते की जटिलता को दर्शाता है। कहानी में भावनाओं का बारीकी से चित्रण किया गया है, जिसमें अप्पी की बेचैनी और सुविज्ञ की अनिश्चितता को स्पष्ट किया गया है। तपते जेठ मे गुलमोहर जैसा - 8 Sapna Singh द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 7.1k 2.9k Downloads 8.3k Views Writen by Sapna Singh Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सुविज्ञ जब फ्रेश होकर आया तो नीरु और अप्पी तैयार थीं..... अप्पी उसी साड़ी में थी... ऊपर से शाॅल ओढा हुआ था उसने! चाय पीते हुए फिर वही बातें..... अप्पी खामोश पर भीतर की कलथन का क्या करे...... मन हो रहा था सुविज्ञ को पकड़ कर रो पड़े ..... न जाने दे उसे कहीं..... चेहरे पर जैसे सबकुछ हृदय का आकर लिख गया था..... बाँच मन की सारी बात..... अभी कुछ क्षण पहले तक कुछ कीमती खो देने के एहसास से भरी तड़प के बाबजूद जो आत्मविश्वास, ऊँचाई, धैर्य...... उसके पोर-पोर में एक उजास की तरह व्याप्त था..... अब उसकी जगह निहायत बेचारगी सिमट आई थी। उसने अपने दोनो हांथों को शाॅल के भीतर यूूँ समेट रखा था ज्यूँ अपने दर्द को समेट रखा हो। Novels तपते जेठ मे गुलमोहर जैसा वह तेज-तेज चलने की कोशिश में हैं, पर अब उन्हें महसूस होने लगा है कि, इस तरह तेज चलना उनके लिए संभव नहीं रहा! पिछले कुछ समय से ऐसा होने लगा है कि तेज च... More Likes This Beyond the Pages - 1 द्वारा cat रूहों का सौदा - 1 द्वारा mamta लाल पत्थर का राज - भाग 1 द्वारा Anil singh जागती परछाई - 3 द्वारा Shivani Paswan विलनेस का पुनर्जन्म अब बदला होगा - 1 द्वारा KahaniCraft वासना दैत्य ही वासना देव है! - 1 द्वारा Krayunastra THE PIANO MEN - 1 द्वारा rajan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी