फिल्म 'सिम्बा' का रिव्यू करते हुए समीक्षक ने बताया कि रोहित शेट्टी की यह फिल्म एक टिपिकल मसाला फिल्म के सभी तत्वों से भरी हुई है, लेकिन फिर भी यह अच्छी मनोरंजन नहीं दे पाई। फिल्म की कहानी में एक लड़की के बलात्कार और उसके बाद का कथानक शामिल है, जिसे दर्शकों ने कई बार देखा है। समीक्षक ने सवाल उठाया कि क्या इस पुरानी और घिसी-पिटी कहानी को पेश करना जरूरी था, खासकर जब दर्शक पहले से ही 'पिंक' जैसी बेहतर फिल्में देख चुके हैं। समीक्षक ने फिल्म में भावनाओं की कमी, कलाकारों की असाधारण प्रदर्शन की अनुपस्थिति और संवादों की ओवर-the-top शैली की आलोचना की। रणवीर सिंह ने अपने किरदार में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन फिल्म की कहानी और इसके प्रस्तुतीकरण में कोई नई बात नहीं थी। यद्यपि सारा अली खान और सोनू सूद ने अपने-अपने किरदारों में ठीक काम किया, लेकिन सहायक भूमिकाएँ यादगार नहीं थीं। कुल मिलाकर, 'सिम्बा' एक बासी खिचड़ी के समान है, जो मनोरंजन के नाम पर कुछ नया पेश नहीं करती। सिम्बा फिल्म रिव्यू Mayur Patel द्वारा हिंदी फिल्म समीक्षा 34.4k 3.8k Downloads 16.9k Views Writen by Mayur Patel Category फिल्म समीक्षा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण फिल्म रिव्यू – ‘सिम्बा’… मनोरंजन के नाम पे परोसी गई बासी खीचडी (Film Review by: Mayur Patel) रोहित शेट्टी. ये नाम जहेन में आते ही एक टिपिकल मसाला फिल्म का ख्याल आता है जिसमें नाच-गाना हो, ऐक्शन का ओवरडोज हो, कॉमिडी हो, फनी डायलोग्स हो, थोडा-बहोत रोमांस हो और बिना सिर-पैर वाली एक कहानी हो. शेट्टी निर्देशित 'सिम्बा' में ये सब है लेकिन फिर भी ये एक अच्छी मनोरंजक फिल्म नहीं बन सकी. चलिए जानते है क्यूं... अब रोहित शेट्टी की फिल्म है तो ईस में मोटी-तगडी कहानी ढूंढने की कोशिश तो हम नहीं कर सकते, लेकिन कहानी Novels फिल्म रिव्यू - मयूर पटेल फिल्म रिव्यू – ‘ठग्स ओफ हिन्दोस्तान’… दर्शको को वाकइ में ठग लेगी ये वाहियात फिल्म कई सालों से ये होता चला आ रहा है की दिवाली के त्योहार पर रिलिज हुई... More Likes This ट्रिपलेट्स भाग 1 द्वारा Raj Phulware नेहरू फाइल्स - भूल-80 द्वारा Rachel Abraham Dhurandhar - Movie Review द्वारा Ashish पती पत्नी और वो - भाग 1 द्वारा Raj Phulware टीपू सुल्तान नायक या खलनायक ? - 9 द्वारा Ayesha फिल्म समीक्षा द डिप्लोमेट द्वारा S Sinha सिल्वरस्क्रीन के गोल्डन ब्वॉयज़ - 1 द्वारा Prabodh Kumar Govil अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी