सुहानी की जिंदगी में अयान के आगमन से खुशियाँ लौट आई हैं, और उसने फिर से किसी पर भरोसा किया है। सुहानी अक्सर कश्मीरा भाभी से बात करती है, जो उसे बेटा कहकर बुलाती हैं। कश्मीरा भाभी को कैंसर है, और उनकी हालत भी खराब है। एक दिन सुहानी ने अयान से उसकी माँ की तबियत के बारे में पूछा। अयान ने बताया कि दवाई चल रही है और डॉक्टर का जवाब भी मिल चुका है, जो सुहानी के लिए एक और दुखदाई समाचार था। सुहानी ने अपनी माँ को इस बारे में बताया। जब सुहानी अयान से बात करना चाहती थी, उसके पिता उसे लगातार डाँटते रहे और मोबाइल रखने के लिए कहते रहे। अंततः, सुहानी ने अपने पिता से कहा कि वो अयान से बात करना चाहती है, लेकिन बातचीत नहीं हो पाई। दूसरे दिन, सुहानी को अयान का कॉल आया जिसमें उसने बताया कि उसकी माँ नहीं रही। यह सुनकर सुहानी को गहरा दुख हुआ और उसने तुरंत वहाँ जाने की इच्छा जताई। लेकिन बारिश की वजह से वो नहीं जा पाई। सुहानी इराही के जन्मदिन पर उसे बर्थडे विश करती है, लेकिन अपने दर्द को किसी से नहीं कह पाती। उसने अयान से बात करने की कोशिश की, लेकिन वह खुद को संभाल नहीं पा रहा था। सुहानी ने समझा कि इस समय उसे अकेले रहने देना बेहतर होगा, और वह रोज अयान से मैसेज के जरिए बात करती रही, पर वह खुद को helpless महसूस कर रही थी। सुहानी को इस बात का बहुत दुःख है कि अयान के कहने पर भी उसने उससे बात नहीं की और न ही उसे मिलने जा सकी। बेगुनाह गुनेहगार 12 Monika Verma द्वारा हिंदी लघुकथा 29.3k 3.2k Downloads 8k Views Writen by Monika Verma Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सुहानी की जिंदगी में अयान के आने से खुशिया वापस मिली है एक बार फिर सुहानी ने किसी पे भरोसा किया।सुहानी अक्सर कश्मीरा भाभी से बात कर लेती है। अच्छा लगता है सुहानी को जब कश्मीरा भाभी उसे बेटा कहती है। जैसे कोई अपने से बात कर रही है। कैंसर की असर कश्मीरा भाभी को भी हो चुकी है। बोलते बोलते भी थक जाती है।एक दिन सुहानी ने अयान से पूछा मम्मा कैसे है?अयान: दवाई चल रही है।सुहानी: डॉ ने क्या कहा?अयान: डॉ. ने जवाब दे दिया है।यह सुहानी के लिए एक और जिंदगी का मार था। और अयान पे Novels बेगुनाह गुनेहगार सुहानी। एक प्यारी सी लड़की। जो अपने ख्यालो से इस दुनिया को देखती है, समझती है। जिसे संभव असंभव, मुमकिन नामुमकिन, मुश्किल आसान का फर्क समझ नही आता। जो क... More Likes This Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar डायरी का वो आखरी पन्ना - 4 द्वारा Std Maurya कहानी में छुपी एक सन्देश - 1 द्वारा Std Maurya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी