यह कहानी एक माँ और उसके बेटे के बीच की बातचीत का वर्णन करती है। माँ रसोई से अपने बेटे को बुलाती है और उसे जल्दी कॉलेज जाने के लिए कहती है, क्योंकि उसे बिना खाना खाए ही निकलना है। बेटा माँ से कहता है कि उसे केवल पाँच मिनट चाहिए, ताकि वह अपनी किताबें बैग में डाल सके। यह संवाद उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और माँ की देखभाल को दर्शाता है। फिर से Ambalika Sharma द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 53.3k 4k Downloads 12.1k Views Writen by Ambalika Sharma Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण यह कहानी एक लड़की रिया के बारे मे है जिसकी जिंदगी मे नवीन प्यार की बहार ले आता है उसे यकीन नही होता के कोई उसे इतना प्यार भी कर सकता है जब रिया नवीन से जीवन भर का साथ मांगती है तो नवीन पीछे हट जाता है रिया टूट जाती है पर जिंदगी को कुछ और मजूर होता है नवीन फिर किसी मोड़ पर उससे टकरा जाता है Novels फिर से यह कहानी एक लड़की रिया के बारे मे है जिसकी जिंदगी मे नवीन प्यार की बहार ले आता है उसे यकीन नही होता के कोई उसे इतना प्यार भी कर सकता है जब रिया नवीन... More Likes This लाल पत्थर का राज - भाग 3 द्वारा Anil singh Shaadi, Saazish aur Teen Dil - 1 द्वारा InkImagination The Mafia Weakness - 1 द्वारा Goyal Khushi Devil, You Are Mine - 1 द्वारा Miss Anonymous वार्णिका - एक अनोखे प्रेम की दास्तां - 1 द्वारा Himanshu Singh ज़ख्मों की शादी - 3 द्वारा Sonam Brijwasi सौदों में बंदी जिंदगी - एपिसोड 1 द्वारा kajal jha अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी